ब्रेकिंग
करुण पाण्डेय बने उपाध्यक्ष पूर्वी जोन जज देवता नहीं — जनता के सेवक मिशन शक्ति के तहत छात्राओं को किया जागरूक, थानाध्यक्ष धनंजय राय का हुआ सम्मान। नाले में उतराता मिला 42 वर्षीय युवक का शव, प्रतापगढ़: आसपुर देवसरा में जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, वृद्ध की पीट-पीटकर हत्या, बेटा गंभीर, दो महि... प्रतापगढ नशे के सौदागरों पर बड़ा प्रहार - 40 ग्राम MD ड्रग्स के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार, स्विफ्ट कार जब... प्रतापगढ़ सदर सीट पर फिर दावेदारी, कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल का ऐलान - 2027 में सदर और विश्वनाथगंज से... पुस्तक मेला कार्निवाल में साहित्य और रचनात्मकता का उत्सव, 15 अक्टूबर को होगा ‘शब्द सम्मान 2026’ एम एस डी कान्वेंट स्कूल में मिशन शक्ति कार्यक्रम आयोजित। 18 वर्षों तक कांति सिंह के साथ रहे पुराने सहयोगी सर्वजीत सिंह पटेल ने छोड़ा साथ!
Global भारत न्यूज़उत्तरप्रदेशप्रतापगढ़

बेसिक शिक्षकों के समर्थन में जनसत्ता दल प्रदेश अध्यक्ष ने सीएम को लिखा पत्र

16 जून से विद्यालय आने के विभाग के निर्देश को बताया अमानवीय, अनुचित और अव्यवहारिक

बेसिक शिक्षकों के समर्थन में जनसत्ता दल प्रदेश अध्यक्ष ने सीएम को लिखा पत्र

 

16 जून से विद्यालय आने के विभाग के निर्देश को बताया अमानवीय, अनुचित और अव्यवहारिक

 

प्रतापगढ़, जनसत्ता दल के प्रदेश अध्यक्ष ने सीएम को एक पत्र लिखकर बेसिक शिक्षकों के समर्थन में एक संवेदनशील विषय उठाया है। बाबागंज के विधायक विनोद सरोज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया की बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों और शिक्षामित्र ब अनुदेशकों को 16 जून से विद्यालय बुलाने के निर्णय को किसी भी तरह से उचित नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि हीट स्ट्रोक से मरने वालों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है इसके बावजूद भी बेसिक शिक्षा के अधिकारी शिक्षकों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण नहीं अपना रहे हैं और 16 जून से विद्यालय में उपस्थित रहने के निर्णय को विनोद सरोज ने अमानवीये अनुचित और अव्यवहारिक बताते हुए सीएम से अपील किया है कि बेसिक शिक्षकों के प्रति सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए उनके अवकाश को भी 30 जून तक बढ़ाया जाए। बेसिक शिक्षा विभाग ने अपने सभी शिक्षकों शिक्षामित्रो व अनुदेशकों को निर्देशित दिया है कि 16 जून से सभी विद्यालय जाकर गतिविधियां संचालित करें जबकि बच्चों को 1 जुलाई से विद्यालय आना है। विधायक बाबागंज ने इस निर्णय के विरुद्ध में आवाज उठाई है, उनका कहना है कि किसी भी दृष्टि से 16 जून से शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित रहने के आदेश को व्यावहारिक नहीं कहा जा सकता है। विभाग के जो भी कार्य हो उसे पहले की तरह ऑनलाइन करवाए जाएं और शिक्षकों की छुट्टियां भी 30 जून तक बढ़ाई जाएं। अब देखना है की सीएम कार्यालय इस संवेदनशील विषय पर किस तरह संज्ञान लेता है। यहां यह बताना अमर प्रभा सामाजिक संस्थान के निदेशक ने भी इस पर कहा है कि समझ नहीं आता कि विभाग 16 जून से शिक्षकों को विद्यालय बुलाकर ऐसा कौन सा विशेष कार्य करवा लेगा कि जिससे कोई चमत्कारिक परिवर्तन हो जाए तो गर्मी को देखते हुए यदि इनका अवकाश भी 30 जून तक बढ़ाया जाए तो किसी भी दृष्टि से गलत नहीं होगा।

Vinod Mishra

सामाजिक सरोकारो पर सीधी पकड़ और बेबाक पत्रकारिता के लिए समर्पित...ग्लोबल भारत न्यूज़ संस्थान के लिए सेवा

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button